महाकुंभ के समापन के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच यह पहली मुलाकात है.
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
UP Politics: प्रयागराज में महाकुंभ के समापन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. महाकुंभ के समापन के बाद दोनों के बीच यह पहली मुलाकात है. पीएम मोदी और सीएम योगी के इस मुलाकात के दौरान कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. इसमें से तीन मुद्दे प्रमुख हैं. सीएम और पीएम के बीच शनिवार, 9 मार्च को दोपहर 12 बजे मुलाकात हो सकती है.
माना जा रहा है कि जिन तीन प्रमुख मुद्दों पर पीएम और सीएम के बीच वार्ता होगी उसमें भारतीय जनता पार्टी की यूपी इकाई में सांगठनिक फेरबदल, जिलाध्यक्षों के चयन और कैबिनेट विस्तार पर चर्चा हो सकती है.
प्रधानमंत्री महाकुंभ के संबंध में किया था फोन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले की स्थिति का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तीन बार संपर्क किया था. उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए तत्काल सहायता उपायों का आह्वान किया. अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. मुख्यमंत्री योगी ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
विशेष कार्यकारी अधिकारी आकांक्षा राणा के अनुसार, बुधवार को बैरियर टूटने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे कुछ लोग घायल हो गए थे. स्थिति गंभीर नहीं है और घायलों का इलाज चल रहा था.
नड्डा ने भी मुख्यमंत्री से बात की थी
कुंभ की घटना को लेकर प्रधानमंत्री ने तत्काल सहायता उपायों का आह्वान किया था और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी मुख्यमंत्री से बात की थी और उन्हें केंद्र सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया.
मौनी अमावस्या पर बड़ी संख्या में तीर्थयात्री स्नान के लिए उमड़ पड़े थे
यहां बतादें कि मौनी अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में तीर्थयात्री स्नान के लिए उमड़ पड़े, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी.. उत्तर प्रदेश सरकार को महाकुंभ में एक ही दिन में 10 करोड़ तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद थी और ‘अमृत स्नान’ की तैयारियों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी. यह घटना पवित्र स्नान के लिए एकत्रित हुए लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच घटी, जिसके चलते अखाड़ों को इस आयोजन को अस्थायी रूप से रद्द करना पड़ा. गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के पवित्र संगम से लगभग एक किलोमीटर दूर अराजकता फैल गई, जब बैरिकेड टूट गए, जिससे भीड़ में दहशत फैल गई.
भीड़ मोड़ने के लिए श्रद्धालुओं को रोका गया था
महाकुंभ में हुई भगदड़ के बाद भीड़ को मोड़ने की योजना लागू की गई और श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया था. श्रद्धालुओं के समूहों को शहर के बाहरी इलाकों में रोक दिया गया था. मुख्यमंत्री योगी ने श्रद्धालुओं से अपने निकटतम घाट पर स्नान करने का आग्रह किया था. सीएम द्वारा श्रद्धालुओं से मौनी अमावस्या के दिन त्रिवेणी संगम की ओर स्नान न करने की अपील भी की थी.
अमृत स्नान का विशेष आध्यात्मिक महत्व
मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान का विशेष आध्यात्मिक महत्व है, खासकर इस वर्ष दुर्लभ ‘त्रिवेणी योग’ खगोलीय संरेखण के कारण, जो हर 144 वर्षों में केवल एक बार होता है. इस स्थिति ने अनुष्ठान के लिए एकत्रित हुए लाखों लोगों के उत्साह और श्रद्धा को और बढ़ा दिया है. अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और श्रद्धालुओं से सतर्क रहने का आग्रह किया है.
भव्य और दिव्य आयोजन के लिए उनका आभार व्यक्त करने का समय
महाकुंभ की सफलता को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने पीएम मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित महाकुंभ 2025 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए उनका आभार व्यक्त करने पहुंचे. कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार में जल्द मंत्रिमंडल विस्तार भी होना है. जिसको लेकर बैठक है. उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में रिक्त पड़े 6 पदों को भरने और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा किए जाने का बाजार गर्म है. वहीं संगठनात्मक मुद्दों को लेकर भी पीएम से चर्चा हो सकती है. बताया जा रहा है कि यूपी में आगामी संगठनात्मक चुनावों और राज्य स्तरीय नियुक्तियों पर भी पीएम से विचार-विमर्श किया गया है.

