RTO की डिजिटल व्यवस्था से आम नागरिक नहीं मिल पा रही ऑनलाइन सुविधा
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
RTO Vehicle information services News: आरटीओ की ऑनलाइन सेवा हैक हो चुकी है. इसमें आवेदक ऑनलाइन कम्प्लेन तक नहीं कर सकता है, क्योंकि कम्पलेन का ऑप्शन ही ब्लॉक कर दिया गया है. आवेदक परिवहन विभाग की घर बैठे सुविधा से वंचित हो रहा है. ऐसे में हर हाल में आवेदकों को कार्यालय जाना पड़ रहा है. कार्यालय जाने के बाद भी एक बार में काम नहीं होता. आवेदन में कई तरह की खामियां निकाल दी जाती हैं, जिससे आवेदक को कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. आवेदकों ने बताया कि जब वे कार्यालय जाकर ऑनलाइन आवेदन में आ रही समस्याओं के बारे में पूछते हैं तो वे कहते हैं संबंधित काउंटर पर चले जाओ. वहां पर फॉर्मेलिटी पूरी करो. आपका काम हो जाएगा.
Vehicle information का पेज नहीं खुलता
लाइसेंस नवीनीकरण का ऑनलाइन आवेदन करने पर वेबसाइट का सर्वर हांफने लगता है. जैसे-तैसे ओटीपी का ऑप्शन आता है, उस पर क्लिक करो तो वेबसाइट रुक जाती है. 8 से 10 मिनट बाद ओटीपी आता है. आवेदक बताते हैं कि अन्य विभागों की वेबसाइट तेज चलती है, लेकिन आरटीओ की वेबसाइट इतनी धीरे चलती है और इतने एरर आते हैं कि कोई भी ऑनलाइन लाभ नहीं ले सकता है. जिम्मेदार अधिकारियों को वेबसाइट पर ध्यान देना चाहिए, जिससे आवेदक को कार्यालय जाना न पड़े. आरटीओ की कई सेवाएं ऐसी हैं, जिसमें कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है.
कार्यालय बुलाने की साजिश
आवेदक बताते हैं कि आरटीओ कार्यालय के जिम्मेदारों ने ऑनलाइन सिस्टम को जानबूझकर बिगाड़कर रखा है, ताकि आवेदक हर हाल में कार्यालय पहुंचे और जेब ढीली करे. सबसे ज्यादा वे आवेदक परेशान हो रहे हैं जो रांझी, खमरिया, तिलहरी या इससे आगे रहते हैं. उन्हें पाटन रोड स्थित आरटीओ कार्यालय जाना पड़ रहा है.
काउंटर से गायब रहते हैं
आरटीओ में आवेदकों की सुविधा के लिए कई काउंटर बनाए गए हैं. आवेदक बताते हैं कि आधे समय तक काउंटर से कर्मचारी गायब रहते हैं. पूछने पर पता चलता है कि वे आरटीओ के पास या दूसरे विभाग में गए हैं. आवेदकों को काफी देर तक खड़े रहना पड़ता है. जब वे मिलते हैं तो आवेदन में कोई न कोई खामी निकाल देते हैं. कुछ कर्मचारी तो अपने खास एजेंट के पास भेज देते हैं और कहते हैं-उससे बात कर लो, वो सब करा देगा.
यहां ऑनलाइन नहीं, सिर्फ दलालों की चलती है
ज्यादातर विभागों के कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं. लोग घर बैठे सुविधाएं ले रहे हैं, लेकिन आरटीओ में ऐसा नहीं है. आवेदक कहते हैं कि आरटीओ की ऑनलाइन सुविधा केवल दिखावा है. शासन को मूर्ख बनाया जा रहा है. अफसरों और दलालों ने ऐसी व्यवस्था बना दी है कि कोई भी वाहन चालक आरटीओ की ऑनलाइन सुविधाएं नहीं ले सकता है. उन्हें हर हाल में दलालों के पास जाना ही पड़ेगा, क्योंकि ऑनलाइन सुविधा से बेहतर दलालों की सुविधा है. वे पैसे लेते हैं, लेकिन घर बैठे कार्य कराकर देते हैं. कोई कागज कम हो तो उसका भी समाधान करा देते हैं, इसलिए आरटीओ में काउंटर पर आवेदक कम और दलाल अधिक नजर आते हैं. यहां लगे कैमरों में सबकी तस्वीरें हैं.
सबमिट करने पर ‘एरर’ लाइसेंस नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले आवेदकों ने बताया कि आरटीओ की वेबसाइट पर आवेदन करने पर कई समस्याएं आती हैं. वेबसाइट पर कम्प्लेन का ऑप्शन है. इसमें कम्प्लेन लिखो और सबमिट करो तो एरर बताने लगता है. जितनी बार सबमिट करो उतनी बार एरर आता है. आवेदक को मजबूरी में कार्यालय जाना पड़ रहा है. इसकी जानकारी अधिकारियों को भी है. इसके बाद भी वे आवेदकों की सुविधा के लिए कोई सुधार नहीं कर रहे हैं.

