डोनाल्ड ट्रम्प दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने, कैपिटल हिल में सुप्रीम कोर्ट के जज जॉन रॉबर्ट ने बाइबिल पर हाथ रखकर शपथ दिलाई
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By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Donald Trump Oath Ceremony : डोनाल्ड ट्रम्प दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने गए. भारतीय समयानुसार सोमवार रात 10:30 बजे अमेरिकी संसद कैपिटल हिल में सुप्रीम कोर्ट के जज जॉन रॉबर्ट ने बाइबिल पर हाथ रखकर शपथ दिलाई. ट्रम्प से पहले उपराष्ट्रपति के तौर पर जेडी वेंस शपथ ली. बाइबिल पर हाथ रखकर कहेंगे- अमेरिकी संविधान की हिफाजत करूंगा. रिपब्लिन नेता जेंडी वेंस ने ली उपराष्ट्रपति पद की शपथ.
डोनाल्ड ट्रम्प दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने गए। भारतीय समयानुसार सोमवार रात 10:30 बजे अमेरिकी संसद कैपिटल हिल में सुप्रीम कोर्ट के जज जॉन रॉबर्ट ने बाइबिल पर हाथ रखकर शपथ दिलाई। ट्रम्प ने बाइबिल पर हाथ रखकर कहा- अमेरिकी संविधान की हिफाजत करूंगा। ट्रम्प से पहले उपराष्ट्रपति के तौर पर जेडी वेंस शपथ ली। अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण से पूर्व ट्रम्प पत्नी मेलानिया के साथ सेंट जॉन चर्च पहुंचे। यहां उन्होंने प्रार्थना की। ट्रम्प 2017 के बाद दूसरी बार दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश के शीर्ष पद पर आसीन हुए हैं। ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और बड़े नेता मौजूद रहे। पिछले साल नवंबर में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में ट्रंप ने कमला हैरिस को हराया था। विदेश मंत्री एस। जयशंकर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
शपथ ग्रहण से पूर्व अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में तापमान माइनस 5 डिग्री सेल्सियस था। कड़कड़ाती ठंड के चलते 40 साल बाद राष्ट्रपति की शपथ संसद के अंदर रखी गई थी। इससे पहले 1985 में रोनाल्ड रीगन की शपथ कैपिटल हिल के अंदर हुई थी। सामान्य तौर पर राष्ट्रपति खुले मैदान नेशनल मॉल में शपथ लेते हैं। इधर पीएम नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित दुनिया के अनेक देशो के प्रमुखो ने ट्रम्प को बधाई दी है। व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वे रूस-यूक्रेन और परमाणु हथियारों के मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार हैं। वहीं पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा- मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण पर बधाई! मैं एक बार फिर साथ मिलकर काम करने, दोनों देशों को लाभ पहुंचाने और दुनिया के लिए बेहतर भविष्य को आकार देने के लिए तत्पर हूं। आने वाले सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं…
मैक्सिको बॉर्डर पर की नेशनल इमरजेंसी की घोषणा
उन्होंने यह भी कहा कि नया ट्रंप शासन देश में अखंडता, वफादारी और क्षमता बहाल करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि सभी अवैध प्रवेश रोक दिए जाएंगे और वे आपराधिक तत्वों को वापस मेक्सिको भेजने की प्रक्रिया शुरू करेंगे. उन्होंने मेक्सिको बॉर्डर पर नेशनल इमरजेंसी की घोषणा की और कहा कि वे आपराधिक गिरोहों को विदेशी आतंकवादी संगठनों के रूप में मानेंगे.
’20 जनवरी अमेरिकियों के लिए मुक्ति दिवस’
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की घोषित कई नई पहलों के अलावा, उन्होंने फ्री स्पीच को वापस लाने और सरकार की सेंसरशिप को खत्म करने की भी शपथ ली. इसके बारे में उन्होंने कहा कि वह इससे अच्छी तरह वाकिफ हैं. ट्रंप ने भाषण के दौरान राष्ट्रपति चुनाव के दौरान हत्या के प्रयास समेत अपने सामने आई चुनौतियों के बारे में बात की और कहा कि उन्हें अमेरिका को फिर से महान बनाने के लिए भगवान ने बचाया था. उन्होंने यह भी घोषणा की कि 20 जनवरी सभी अमेरिकियों के लिए मुक्ति दिवस है.
डोनाल्ड ट्रंप ने ये भी कहा कि पनामा नहर का नियंत्रण देना एक मूर्खतापूर्ण उपहार था और उन्होंने देश के लिए इसे वापस लेने का वादा किया.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रम्प को बधाई दी
इधर, शपथ से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रम्प को बधाई दी। इसके साथ ही पुतिन ने कहा- रूस-यूक्रेन जंग और परमाणु हथियार के मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है। शपथ से पहले डोनाल्ड ट्रंप पत्नी मेलानिया के साथ व्हाइट हाउस पहुंचे। यहां उनका स्वागत राष्ट्रपति जो बाइडेन ने किया। शपथ से पहले डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी के साथ व्हाइट हाउस पहुंचे, जहां निवर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रथम महिला जिल बाइडेन ने दोनों का उद्घाटन चाय के लिए व्हाइट हाउस में स्वागत किया। इसके अलावा उप-राष्ट्रपति-चुनाव जेडी वेंस अपनी पत्नी उषा चिलुकुरी वेंस के साथ व्हाइट हाउस पहुंचे। उनका स्वागत निवर्तमान उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस और उनके पति डगलस क्रेग एमहॉफ़ ने किया.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, परंपरागत रूप से निवर्तमान राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह के लिए निर्वाचित राष्ट्रपति के साथ कैपिटल जाते हैं। 2021 में ट्रम्प ने अपने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान बिडेन को नजर अंदाज कर दिया और निर्वाचित राष्ट्रपति को व्हाइट हाउस में आमंत्रित करने की परंपरा का पालन नहीं किया.

