पिछले एक दशक में बनाए गए 12,000 फ्लाईओवर और अंडरपास ने मानवरहित लेवल क्रॉसिंग खत्म कर सुरक्षित यात्रा और बेहतर ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने का रेल मंत्री ने किया दावा
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Mahakumbha Mela 2025: महाकुंभ मेला सनातन धर्म पर आस्था रखने वालों के लिए किसी महापर्व से कम नहीं है जिसको लेकर सरकार भी श्रद्धालुओं के लिए लगातार प्रयास कर रही है. अब इस कड़ी में भारतीय रेलवे भी आगे आया है. रेलवे ने पूरे देश से महाकुंभ के लिए 13,000 स्पेशल ट्रेनों को चलाने का प्लान तैयार किया है, जिसमें सवार होकर श्रद्धालुओं को महाकुंभ पहुंच सकेंगे.
लोकसभा के संबोधित में भारतीय रेलवे की उपलब्धियों गिनाई
केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा को संबोधित किया. सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए वैष्णव ने भारतीय रेलवे की कई महत्वपूर्ण पहलों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. विभिन्न विषयों पर बोलते हुए मंत्री ने यात्री सुविधा बढ़ाने, परिचालन दक्षता में सुधार, सुरक्षा सुनिश्चित करने और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया. बुनियादी ढांचे में उन्नति से लेकर अभिनव ट्रेन सेवाओं तक, मंत्री ने देश की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रेलवे की प्रतिबद्धता पर जोर दिया.
केंद्रीय मंत्री ने आगामी महाकुंभ के लिए व्यापक तैयारियों का विवरण दिया. यात्रियों की प्रत्याशित वृद्धि को पूरा करने के लिए कुल 13,000 ट्रेनों की योजना बनाई गई है, जो मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सेवा के लिए एक केंद्रित प्रयास को दर्शाती है.
पारदर्शी परीक्षा कराने का दावा
केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) परीक्षा को पारदर्शिता और दक्षता के मॉडल के रूप में उद्धृत किया. 211 शहरों में 1.26 करोड़ उम्मीदवारों ने भाग लिया और बिना किसी पेपर लीक या घटना के परीक्षा संपन्न हुई. परिणामस्वरूप, 1,30,581 युवाओं को रोजगार मिला, जो निष्पक्ष भर्ती प्रक्रियाओं के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करता है.
58,642 पदों के लिए चल रही है भर्ती
एक संरचित भर्ती प्रक्रिया की मांगों को संबोधित करते हुए, मंत्री ने कहा कि रेलवे ने परीक्षाओं के लिए एक वार्षिक कैलेंडर पेश किया है. वर्तमान में 58,642 पदों के लिए भर्ती चल रही है, जिसमें हाल ही में 11 लाख से अधिक उम्मीदवार लोको पायलट चयन प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं. उन्होंने संसद को पारदर्शी तरीके से अधिकतम रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए रेलवे की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया.

