राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के प्रतिनिधियों को यह दो टूक चेतावनी
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
CIBIL Report news: मुंबई.‘‘कृषि की उपेक्षा स्वीकार्य नहीं है. इसलिए, राष्ट्रीयकृत बैंकों को कृषि ऋण वितरण बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. मौसम विभाग द्वारा अच्छी बारिश की भविष्यवाणी के साथ, इस वर्ष फसल अच्छी होने की उम्मीद है. ऐसे में, बैंकों को किसानों को अधिक से अधिक सहायता देनी चाहिए. अच्छी बारिश से कृषि विकास को बढ़ावा मिलता है, जिससे बैंकों और किसानों दोनों को फायदा होता है.’’ सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित 167वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक के दौरान फडणवीस ने चेतावनी दी.
एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
उन्होंने प्रदेश में किसानों को फसल कर्ज देने के लिए सिबिल स्कोर की सख्ती करने वाले बैंकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाएगा. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के प्रतिनिधियों को यह दो टूक चेतावनी दी है. फडणवीस ने कहा कि बैंकों द्वारा सिबिल स्कोर की शर्त लागू करने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यदि बैंक फसल कर्ज के लिए सिबिल स्कोर की सख्ती करेंगी तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाएगा. मंगलवार को राज्य अतिथिगृह सह्याद्री में राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की 163 वीं बैठक हुई.
सुलभ तरीके से फसल कर्ज उपलब्ध कराएं
इसमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटील, सहकारिता मंत्री दिलीप वलसे-पाटील समेत कई मंत्री और अफसर मौजूद थे. बैठक में साल 2024-25 में 41 हजार 286 करोड़ रुपए का वार्षिक कर्ज देने के प्रारूप को मंजूरी दी गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अल्प और अत्यल्पभूधारक किसानों को बैंक सुलभ तरीके से फसल कर्ज उपलब्ध कराएं. बैंक संकट के समय आर्थिक मदद नहीं करती हैं तब किसानों को दूसरे रास्ते पैसा जुटाना पड़ता है. इससे किसान कई बार आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं.
44 लाख करोड़ की लोन स्कीम मंजूर
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीयकृत बैंकों को इस वर्ष के लोन वितरण लक्ष्यों को पूरा करने और कृषि लोन कवरेज का विस्तार करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए. बैठक के दौरान, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महाराष्ट्र के लिए 44.76 लाख करोड़ रुपये की लोन स्कीम को मंजूरी दी गई. देश में महाराष्ट्र की अग्रणी स्थिति पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान राज्य की रीढ़ हैं और कृषि अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण घटक है.
‘‘भारतीय रिजर्व बैंक ने भी कृषि लोन के संबंध में स्पष्ट किया है कि यदि कोई बैंक शाखा सिबिल पर जोर देती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.’’
क्या है सीआईबीएल रिपोर्ट?
आपकी सीआईबीएल रिपोर्ट, जिसका पूरा नाम क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड है, असल में आपकी वित्तीय रिपोर्ट है. यह एक विस्तृत दस्तावेज़ है जो बैंकों और वित्तीय संस्थानों जैसे विभिन्न उधारदाताओं से आपके उधार लेने और चुकाने के इतिहास का रिकॉर्ड रखता है. इसे इस तरह समझें कि यह आपके द्वारा समय के साथ लिए गए सभी ऋणों और क्रेडिट कार्डों के प्रबंधन का एक व्यापक विवरण है.
ऋणदाता इस रिपोर्ट का उपयोग यह तय करने के लिए करते हैं कि आपको ऋण, क्रेडिट कार्ड या मोबाइल फोन अनुबंध देना है या नहीं और आपसे कितना ब्याज लेना है. वे यह देखना चाहते हैं कि क्या आप एक भरोसेमंद उधारकर्ता हैं जो समय पर पैसा चुकाते हैं. एक अच्छी रिपोर्ट आपकी विश्वसनीयता दर्शाती है, जबकि समस्याओं वाली रिपोर्ट उन्हें ऋण देने में संकोच करने पर मजबूर कर सकती है.
CIBIL स्कोर से जुड़ी जानकारी
स्कोर रेंज का ये है मतलब
750-900: उत्कृष्ट (Excellent) – लोन आसानी से और कम ब्याज पर.
700-749: अच्छा (Good) – अधिकांश बैंक लोन देते हैं.
650-699: औसत (Average) – लोन में कठिनाई हो सकती है.
650 से कम: खराब (Bad/Poor) – लोन मिलना बहुत मुश्किल या नामुमकिन.
स्कोर कैसे सुधारें?
- क्रेडिट कार्ड बिल और EMI का भुगतान हमेशा समय पर करें.
- क्रेडिट उपयोग (Credit Utilization) को कम रखें (अपनी लिमिट का 30-40% से ज्यादा इस्तेमाल न करें).
- एक साथ कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन न करें (इसे ‘hard inquiry’ माना जाता है).
- सुरक्षित (होम/कार लोन) और असुरक्षित (पर्सनल लोन) का मिश्रण रखें.
किसानों का सिविल स्कोर देखना ठीक नहीं
बैंक अक्सर किसानों का सिविल स्कोर देखती है, जो उचित नहीं है. क्योंकि बैंक से किसानों को दिया जाने वाले कर्ज की जिम्मेदारी सरकार की होती है. इस कारण किसानों का सिविल स्कोर देखे बिना भी किसान ऋण दिया जा सकता है.

