बांध के ब्लॉक नंबर 10 में पाइप लाइन के टूटने की खबर का वीडियो सोशल मीडिया में हो रहा है वायरल, दिल्ली-भोपाल की टीम के साथ कलेक्टर दीपक सक्सेना ने भी किया मौका मुआयना
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP Jabalpur Bargi Bandh : एमपी जबलपुर से करीब 35 किमी दूर बने रानी अवंतीबाई लोधी सागर बरगी बांध में लीकेज की खबर मीडिया व सोशल मीडिया में आग की तरह फैल गई थी. जिसके बाद जबलपुर, भोपाल और दिल्ली तक हड़कंप मचा हुआ था. जिला प्रशासन के साथ दिल्ली से आई टीम ने भी बरगी बांध का मौका मुआयना कर लिया. लेकिन जांच में पाया गया कि पोरस ड्रैन्स से आउट फ्लो ज्यादा बढ़ गया है. जबकि मेसोनारी-कांक्रीट बांध सीपेज की निकासी हेतु गैलरी में पोरस ड्रैन्स का प्रावधान रहता ही है. हलांकि 282 पोरस ड्रैन्स में से केवल तीसने नंबर से सीपेज की मात्रा पूर्व निर्धारित मात्रा से बढ़ी हुई है. जिससे बरगी बांध में सीपेज से कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा.
बतादें कि यह खबर शनिवार 7 सितंबर की है, जिसमें बताया गया था कि बांध के ब्लॉक नंबर 3/10 में पाइप लाइन से ज्यादा रिसाव की खबर लगी थी, पाइप लाइन में लीकेज होने की वजह से बांध के भीतर पानी भर रहा था. इसकी मरम्मत के लिए भोपाल और दिल्ली के एक्सपर्ट बांध में पहुंचे थे. तकनीकी परीक्षण के बाद ऐसी कोई खामी बांध में नहीं पाई गई.
अधिकारी मौके पर पहुंचे
जिला प्रशासन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण सहित दिल्ली-भोपाल से आई टीम मौके पर पहुंचे और बांध में आई खामी जांचने का प्रयास किया. भोपाल डेम सेफ्टी बोधी एवं केन्द्रीय जल आयोग की टीम ने निरीक्षण किया और बांध के सीपेज की क्षमता और गुणवत्ता की जांच की.
गेटों के भीतर भर रहा पानी
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडिया में स्पष्ट देखा जा रहा है कि बरगी बांध के भीतर जहां से पानी निकल रहा है, वह पानी बांध के अंदर बने गेट के खाली जगह पर भर रहा है. हलांकि सुरक्षा की दृष्टि से तकनीकी खामी पकड़ने का प्रयास किया गया. लेकिन बांध की आंतरिक सुरक्षा में इस रिसाव से किसी प्रकार का फर्क पड़ने वाला नहीं है.
बरगी बांध के 162 गांव सरकारी रिकार्ड से गायब
सरकारी आंकड़ों की मानें तो बरगी बांध में कुल 162 गांव डूबने से सरकारी रिकार्ड से गायब हो गए. जबलपुर, सिवनी और मंडला जिले के कुछ गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए और कुछ आंशिक रूप से प्रभावित हुए. लेकिन वास्तविक आंकड़ों पर गौर करें तो 184 गांव बरगी बांध से डूब से प्रभावित हुए. जिसमें से करीब एक लाख से अधिक लोग विस्थापित किए गए.
बरगी बांध में कहां से आता है पानी
जबलपुर के निकट बरगी बांध नर्मदा नदी पर बनाया गया है, इसलिए नर्मदा नदी का मुख्य प्रवाह इसी बांध में आता है. इसके अलावा अमरकंटक, डिंडोरी और मंडला के घने जंगलों व पहाड़ों से बहकर आने वाला बारिश का पानी भी इसी बांध में एकत्र होता है. मानसून के दौरान कैचमेंट एरिया जैसे-जबलपुर, मंडला और सिवनी आदि से पानी बरगी बांध में एकत्रित होता है, जिसके कारण बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है.
बरगी बांध की उंचाई और लंबाई
नर्मदा नदी पर बनाए गए बरगी बांध की कुल ऊंचाई लगभग 69 मीटर यानि 229 फीट है. जबकि बांध की लंबाई लगभग 5.4 किलोमीटर यानि 5,357 मीटर है. बांध का जलाशय करीब 267.97 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है.
भोपाल और दिल्ली की निगरानी टीम ने किया निरीक्षण
भोपाल और दिल्ली के वरिष्ठ और विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम भी बरगी बांध पहुंची है. जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने 31 जुलाई 2024 को बांध की सुरक्षा के लिहाज से रिसाव की जांच की थी. जांच के दौरान सामान्य अवस्था में 0.05 लीटर रिसाव दर्ज किया गया था. बता दें कि बरगी बांध में दरार की आशंका से हड़कंप मच गया था. वर्तमान में 0.06 लीटर ज्यादा पानी का रिसाव हो रहा है, जोकि 0.015 लीटर सामान्य जल रिसाव से ज्यादा है. ज्यादा पानी के रिसाव को बांध की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है.
पानी से लबालब भरा हुआ बरगी बांध
दरअसल इस साल बारिश बहुत ज्यादा हुई है और इससे बरगी बांध इन दिनों पानी से लबालब भरा हुआ है. वर्तमान में 21 गेटों वाला बरगी डैम 422.60 मीटर भरा है. बरगी बांध की पूर्ण जलभराव क्षमता 422.76 मीटर है. बरगी के 2 बार गेट खोले गए हैं, पहली बार 13 गेट खोले गए थे, अभी फिर से 17 गेट खोले गए हैं. भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं. मूसलाधार बारिश से कई जिलों में बाढ़ के हालात बन गए थे.
