पीएम ई-बस योजनांतर्गत अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित 100 इलेक्ट्रिक ए.सी. बसों का होगा संचालन जल्द
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
PM E-Bus Yojana JCTSL: एमपी के जबलपुर में स्वच्छ हवा, स्मार्ट सफर और सशक्त जबलपुर की ओर एक बड़ा कदम उठाया गया है. क्योंकि जेसीटीएसएल (जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड) के माध्यम से अब प्रदूषण-मुक्त, आरामदायक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सेवा की शुरुआत होने जा रही है. क्योंकि पीएम ई-बस योजननांतर्गत अत्याधुनिक तकनीक की ई-बसों की सौगात मिलने वाली है. इससे ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में एक नया कदम साबित होगा. वहीं इससे पहले जेसीटीएसएल के माध्यम से लाल परी मेट्रो बसों का संचालन किया जा रहा था, इसके बाद सफेद रंग की नई बसों का संचालन शुरू हुआ. आने वाले चंद दिनों में एक बार फिर हरे रंग की ई-बसें जबलपुर शहर में दौड़ती नजर आएंगी.
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू एवं निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन को जानकारी देते हुए बताया कि जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) द्वारा शहर में 100 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक ए.सी. बसों का संचालन शीघ्र शुरू करने जा रहा है. जिसके माध्यम से शहरवासियों को आरामदायक सफर करने का सुख मिलेगा. अभी भी मेट्रो बसों का संचालन किया जा रहा है. लेकिन यात्रियों को कई रूट पर मेट्रो की सुविधा नहीं मिल पा रही है. यदि ई-बसों का संचालन शुरू हो जाता है तो यात्रियों को हर रूट की यात्रा सुगम हो जाएगी.
डिपो एवं चार्जिंग स्टेशन की हो रही स्थापना
बताया जा रहा है कि जबलपुर के कठौंदा प्लांट के पास करीब 4 एकड़ क्षेत्र में बसों के रखरखाव और उन बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन की स्थापना की जा रही है. इसके लिए करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. हलांकि इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत नगर निगम को 25 करोड़ रुपये मिलने हैं और इस राशि से डिपो का निर्माण और चार्जिंग अधोसंरचना का कार्य कराया जाएगा. अभी तक इस दिशा में करीब लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है. जैसे ही चार्जिंग स्टेशन बनकर तैयार होगा, उसके बाद ई-बसें शहर में आना प्रारंभ हो जाएंगी.
तीन चरणों में आएंगी बसें
प्रथम चरण – 40 बसें
द्वितीय चरण – 35 बसें
तृतीय चरण – 25 बसें
5 से 10 मिटट के अंतराल में मिलेंगी ई-बस
जैसा कि जेसीटीएसएल के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि शहर के प्रमुख मार्गों पर 5 से 10 मिनट के अंतराल में ई-बसें उपलब्ध रहेंगी. जिससे यात्रियों को तेज, सुगम और भरोसेमंद सेवा मिलेगी. लेकिन इतने कम समय में बस स्टॉप पर एक साथ ई-बस यदि ठहर जाती हैं तो जाम के हालात बन जाते हैं. अधिकारियों को इस दिशा में भी ध्यान देने की जरूरत है.
शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर संचालन
बस संख्या रूट
E-1 मदर टेरेसा से रांझी, घाना (वाया घमापुर)
E-2 करमेता से रांझी (वाया कांचघर)
E-3 पनागर से दमोहनाका
E-4 पनागर से घमापुर
E-5 ISBT से बरेला शारदा मंदिर
E-6 ISBT से भेड़ाघाट
E-7 ISBT से गौरीघाट
E-8 रेलवे स्टेशन से भेड़ाघाट
E-9 ISBT से बरगी डेम
E-10 ISBT से शाहपुरा
E-11 रेलवे स्टेशन से पाटन
E-12 ISBT से एयरपोर्ट (वाया यूनिवर्सिटी)
ई-बस में डिजिटल सुविधाएं एवं सुरक्षा के इंतजाम
- डिजिटल पेमेंट एवं ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन
- CCTV कैमरे एवं पैनिक बटन
- GPS ट्रैकिंग सिस्टम
- पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम
- रियल-टाइम पब्लिक इंफॉर्मेशन डिस्प्ले
- ई-बसें सिंगल एवं ऑपर्च्युनिटी चार्जिंग से प्रतिदिन लगभग 180 किमी का संचालन करेंगी.
पर्यावरण और आर्थिक रूप से ऐसे मिलेगा लाभ
- ग्रॉस कॉस्ट मॉडल पर संचालन
- ऑपरेटर को ₹58.14 प्रति किमी भुगतान
- प्रतिवर्ष लगभग 47.45 लाख किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी
- प्रतिदिन लगभग 50,000 यात्रियों को सस्ती व सुगम यात्रा
ई-रिक्शा और आटो की धमाचौकड़ी से मिलेगी निजात
नगर निगम के द्वारा शुरू की जा रहीं ई-बसों से न केवल शहर का यातायात व्यवस्थित होगा. बल्कि सस्ती दर पर यात्रा भी यात्री कर सकेंगे. अभी शहर के हर चौराहे-तिराहे पर ई-रिक्शा और आटो वालों की धमाचौकड़ी मची रहती है. इनसे निजात भी मिल सकती है. हलांकि इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को रूट के अनुसार ई-रिक्शा और आटो वालों से समन्वय बनाकर रूट का निर्धारण करने की जरूरत है. जिससे न केवल ई-बसों को सवारी मिल सकें. बल्कि ई-रिक्शा के माध्यम से शहर के अधिकांश लोगों को जो ई-रिक्शा से जीविका चलाते हैं. उन्हें भी रोजगार मिलता रहे. इस दिशा में प्रयास करने की जरूरत पड़ेगी.

