एलपीजी सिलेंडर की कमी से जबलपुर सहित देश भर में संकट, कंपनी का सर्वर डाउन होने के कारण घरेलु सिलेंडर के लिए एजेंसियों में लंबी कतारें, बिना ओटीपी के सिलेण्डर न देने पर एजेंसी के कर्मचारियों से बद्तमीजी हंगामा हो रहा है.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
LPG Crisis News: रसोई गैस सिलेण्डर को लेकर मारामारी शुरू हो गई है. रसोई गैस उपलब्ध कराने वाले हॉकर मुनाफाखोरी में लिप्त हैं. 919.50 रुपये का रसोई गैस सिलेण्डर 1500 रुपये में बिकने लगा है. ऑयल कंपनियों का सर्वर डाउन है, जिससे रसोई गैस सिलेण्डर के बिल नहीं कट पा रहे हैं. गैस एजेंसी गोदाम के बाहर ग्राहकों की लंबी कतारें लग गई हैं. कमर्शियल सिलेण्डर देना बिल्कुल बंद हो गया है. जिसके कारण एलपीजी क्राइसिस साफ तौर देखी जा रही है. देश भर में एलपीजी को लेकर जैसा अनुमान लगाया जा रहा था. ठीक उसी प्रकार से देखने को मिल रहा है.
ईरान-इजराइल युद्ध के चलते बने हालात
एलपीज गैस सिलेण्डर क्राइसिस के हालात ईरान इजरायल युद्ध के चलते बने हैं. यह संकट कब तक रहता है. कुछ कहा नहीं जा सकता है. लेकिन रसोई गैस को लेकर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जबलपुर में एलपीजी सिलेंडर का संकट कहीं नहीं है. सभी को एलपीजी सिलेण्डर उपलब्ध कराया जाएगा. जबकि कमर्शियल सिलेण्डर बंद किए जाने के कारण होटल-रेस्टॉरेंट का जायका बिगड़ गया है. कई चाय, समोसा, आलूबंडा और पोहा-जलेबी की दुकानें बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं.
होटलों में घरेलू गैस सिलेण्डर मिला तो होगी जेल
जैसा कि जिला प्रशासन घरेलू गैस सिलेण्डर को लेकर सख्ती दिखा रहा है. उससे यही आभास हो रहा है कि होटल-रेस्टॉरेंट में कमर्शियल गैस सिलेण्डर की जगह यदि घरेलू सिलेण्डर मिलता है तो उन्हें जेल जाना निश्चित है. क्योंकि जबलपुर सहित अन्य जिलों में भी धारा-144 लगा दी गई है.
5 सिलेण्डर के बनाए जा रहे 6 एलपीजी सिलेण्डर
एलपीजी क्राइसिस के चलते मुनाफाखोरी करने वालों की बल्ले-बल्ले है. क्योंकि गैस सिलेण्डर देने वाले हॉकर और कमीशनखोरी में लिप्त व्यापारी 5 गैस सिलेण्डर के 6 सिलेण्डर तैयार करके बेच रहे हैं. प्रत्येक रसोई गैस सिलेण्डर से 2 से 2.5 किलो गैस निकालकर चोरी छिपे रिफिल कर रहे हैं और जो सिलेण्डर 919.50 रुपये का मिलता है, उस सिलेण्डर को 1500 रुपये तक में बिक्रय कर रहे हैं.
गैस किल्लत खत्म करने जल्द शुरू होगी छापेमार कार्रवाई
घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जल्द एक्शन लिया जाएगा. बताया जा रहा है कि जहां भी गैस सिलेण्डर के कालाबाजारी की शिकायत पहुंचेगी. उस क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई शुरू हो जाएगी. इस प्रकार की कार्रवाई अभी भोपाल में शुरू हो चुकी है. जबलपुर में भी छापा मारने की कार्रवाई के लिए टीम का गठन हो चुका है.
इन विसंगतियों के कारण एलपीजी गैस की मारामारी
क्यों है एलपीजी क्राइसिस? : ईरान-इजरायल युद्ध ने एलपीजी किल्लत को हवा दी है. ग्राहकों में अफवाहों का बाजार गर्म है. लोगों में ‘पैनिक बाइंग’ (Panic Buying) बढ़ गई है. साथ ही चैत्र नवरात्रि, रमजान पर्व के अलावा इसी दौरान शादियों का सीजन भी है, जिसके कारण गैस की मांग बढ़ी है.
सर्वर हुआ ठप: ऑनलाइन बुकिंग और OTP सिस्टम ठप पड़ा है. बिना ओटीपी के गैस सिलेण्डर देना बंद कर दिया गया है और गैस एजेंसियों की गोदाम पर ‘गैस नहीं’ के बोर्ड लटक गए हैं. 5 से 8 दिन पुरानी बुकिंग वाले उपभोक्ताओं को भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है.
कलेक्टर ने दिखाई सख्ती: शहरवासियों को कलेक्टर द्वारा अश्वस्त किया गा है कि जिले में गैस सिलेण्डर की कोई कमी नहीं है. हजारों में रिफिल का स्टॉक मौजूद है और समस्या सिर्फ अफवाहों के कारण है.
21 दिन में होम डिलीवरी: बुकिंग के 21 दिनों के भीतर हर हाल में उपभोक्ता के घर तक सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं.
एजेंसियों पर सुरक्षा के किए जाएंगे इंतजाम: गैस एजेंसियों की अव्यवस्था और हंगामे को रोकने के लिए सभी गैस एजेंसियों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. कालाबाजारी (Black Marketing) करने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा.
KYC के लिए बड़ी राहत: अब ई-केवाईसी (e-KYC) के लिए गैस एजेंसियों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है. उपभोक्ता अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर आसानी से KYC करवा सकते हैं.
इमरजेंसी सुविधा: यदि किसी परिवार को अत्यंत आपात स्थिति में ‘कल ही’ सिलेंडर चाहिए, तो वे संबंधित SDM को प्रार्थना पत्र दे सकते हैं. जांच के बाद उन्हें तुरंत गैस उपलब्ध कराई जाएगी.

