
आम चुनाव के रुझानों में सत्तारूढ़ भाजपा के बहुमत से दूर रहने के संकेत मिलने के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट आई. इस दौरान प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लगभग छह प्रतिशत टूट गए
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
नई दिल्ली. चुनावी नतीते आने के दौरान सेंसेक्स 4390 अंक तो निफ्टी 1379.40 अंक गिरकर बंद हुआ. नेवेशकों के 31.08 लाख करोड़ रुपये डूब गए. बीएसई का मार्केट कैप 394.84 लाख करोड़ रह गया. इससे पहले कोरोना काल यानि मार्च 2020 में सेंसेक्स 3934 अंक गिरा था. एक दिन पहले एग्जिट पोल से निवेशकों को 14 लाख करोड़ रुपये का फयदा हुआ था. आम चुनाव के रुझानों में सत्तारूढ़ भाजपा के बहुमत से दूर रहने के संकेत मिलने के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट आई. इस दौरान प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लगभग छह प्रतिशत टूट गए. यह किसी एक दिन में पिछले चार साल की सबसे बड़ी गिरावट है. इससे पहले सोमवार को तीन फीसदी से अधिक की तेज बढ़त के बाद मंगलवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 4,389.73 अंक या 5.74 फीसदी फिसलकर दो महीने के निचले स्तर 72,079.05 अंक पर बंद हुआ. दिन में कारोबार के दौरान सेंसेक्स 6,234.35 अंक या 8.15 फीसदी गिरकर लगभग पांच महीने के निचले स्तर 70,234.43 अंक पर आ गया था.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 1,982.45 अंक या 8.52 फीसदी गिरकर 21,281.45 अंक पर आ गया
इस दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 1,982.45 अंक या 8.52 फीसदी गिरकर 21,281.45 अंक पर आ गया. बाद में यह 1,379.40 अंक या 5.93 फीसदी के बड़े नुकसान के साथ 21,884.50 अंक पर बंद हुआ. इससे पहले 23 मार्च, 2020 को कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन लगाए जाने पर सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 13 फीसदी की गिरावट हुई थी. पीएसयू, सार्वजनिक बैंकों, बिजली, ऊर्जा, तेल और गैस तथा पूंजीगत वस्तुओं के शेयरों में भारी मुनाफावसूली हुई.
अप्रत्याशित नतीजों से घरेलू बाजार में डर
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘आम चुनाव के अप्रत्याशित नतीजों ने घरेलू बाजार में डर पैदा किया. इस वजह से हाल में हुई भारी तेजी पलट गई. इसके बावजूद, बाजार ने भाजपा की अगुवाई वाले गठबंधन के भीतर स्थिरता की अपनी उम्मीद को बनाए रखा.’
उन्होंने कहा कि इससे सामाजिक अर्थशास्त्र पर ध्यान केंद्रित करने वाली राजनीति में बड़ा बदलाव होगा, जिसका ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
नरेन्द्र मोदी सरकार जब 16 मई, 2014 को सत्ता में आई थी, तब सेंसेक्स 261.14 अंक या 0.90 प्रतिशत बढ़कर 24,121.74 अंक पर बंद हुआ था. उस दिन निफ्टी 79.85 अंक या 1.12 प्रतिशत बढ़कर 7,203 अंक पर पहुंच गया था.
दूसरी बार सत्ता में आने पर बाजार ने लगाई थी दौड़
मोदी सरकार के दूसरी बार सत्ता में आने पर 23 मई, 2019 को सेंसेक्स 298.82 अंक या 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 38,811.39 अंक पर बंद हुआ था. इस दिन निफ्टी 80.85 अंक या 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,657.05 अंक पर बंद हुआ था.
सेंसेक्स की कंपनियों में एनटीपीसी में सबसे अधिक करीब 15 प्रतिशत की गिरावट हुई. इसके अलावा एसबीआई में 14 प्रतिशत, एलएंडटी में 12 प्रतिशत और पावर ग्रिड में 12 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई.
पिछले 5 चुनावों में नतीजों के दिन सिर्फ एक बार गिरा
रिजल्ट की तारीख अंक
23 मई 2019 -298.82
16 मई 2014 +216.14
16 मई 2009 +2110
13 मई 2004 +41.42
5 अक्टूबर 1999 +54.20
शेयर बाजार में गिरावट की वजह ?
लोक सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को उम्मीद से कम सीटें मिलने और बहुमत के आंकड़े से पीछे रह जाने के कारण शेयर बाजार आज बुरी तरह फिसल गया. किसी भी पार्टी या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए कम से कम 272 सीटें चाहिए।
बोनांजा पोर्टफोलियो के रिसर्च एनालिस्ट वैभव विदवानी ने कहा, “चुनाव के नतीजों को लेकर अनिश्चितताओं के कारण घरेलू बाजारों में आज गिरावट आई. यह संभव है कि इसके कारण कुछ विदेशी निवेशकों को बिकवाली करनी पड़ी.”’
उन्होंने कहा, ”ऐसा लग रहा है कि पूर्ण बहुमत या स्पष्ट जनादेश प्राप्त करना वर्तमान में सत्तारूढ़ दल के लिए चुनौतीपूर्ण है. इससे बाजार में निराशावाद का माहौल बन सकता है. इस सप्ताह आरबीआई की मौद्रिक नीति घोषणा से पहले निवेशक सतर्क रुख का समर्थन करना जारी रख सकते हैं.”

