सावन माह में लगता शिव दर्शन के लिए मेला, प्रतिमा के अंदर होते हैं द्वादश ज्योर्तिलिंग के दर्शन
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP Jabalpur Shivalay News : सावन माह में शिव भक्तों की भीड़ देश भर के शिवालयों में देखने को मिलती है. लेकिन एमपी का जबलपुर शहर एक ऐसा शहर है, जिसकी पहचान शिवधानी के रूप में होती जा रही है. यहां शिवालय हर गली-मोहल्ले में देखने को मिल रहे हैं.
लेकिन विजय नगर कचनार सिटी स्थित भगवान शिव की 76 फीट ऊंची प्रतिमा जबलपुर को एक अलग ही पहचान बना रही है. शहर का यह स्थान सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं रहा, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केन्द्र बनता जा रहा है. इसे एक आध्यात्मिक तीर्थ की यदि संज्ञा दी जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी. यह स्थल न केवल भक्तों की आस्था का केंद्र है, बल्कि जबलपुर की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी अपना पहचान बनाता जा रहा है.
श्रद्धा, भक्ति और कारीगरी का अद्भुत संगम
विजय नगर कचनार सिटी में इस भव्य शिव प्रतिमा का निर्माण वर्ष 2001 में प्रारंभ हुआ था और 2004 में बनकर तैयार हो गया था. दक्षिण भारत के मूर्तिकार ‘श्रीधर’ द्वारा निर्मित इस प्रतिमा को लगभग तीन वर्षों की कठिन परिश्रम से आकार दिया गया है.
15 फरवरी 2006 को वैदिक मंत्रोच्चारण और तीन दिवसीय विशेष अनुष्ठान से इस शिवालय की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई. तभी से श्रद्धालुओं के मन में भक्ति देखने को मिल रही है. सावन के माह में हर दिन भक्तों का मेला लगा रहता है. यहां श्रद्धा-भक्ति और कारीगरी का अद्भुत संगम देखने को मिलता है.
गुफा में 12 ज्योतिर्लिंग दुर्लभ प्रतिकृतियों के होते हैं दर्शन
विजय नगर स्थित शिव प्रतिमा के नीचे एक कृत्रिम गुफा बनाई गई है. जिसमें 12 ज्योतिर्लिंग की सजीव प्रतिकृतियों की स्थापना कराई गई है. बताया जा रहा है कि इन प्रतिकृतियों को उनके मूल स्थलों से विधिवत पूजन कर मंगवाया गया है. श्रद्धालु इस गुफा में प्रवेश कर इन सभी ज्योतिर्लिंग के एक साथ दर्शन कर रहे हैं.
गर्भगृह में विराजमान हैं पार्वती और गणेश-कार्तिकेय
इस गुफा के अंदर एक और द्वार है, जो मंदिर के मुख्य गर्भगृह की ओर जाता है. गर्भगृह में शिवजी के साथ माता पार्वती, गणेश जी, स्वामी कार्तिकेय जी और नंदी जी विराजमान हैं. जिनका नित्यप्रति सर्व प्रथम पूजन होता है. इसके बाद द्वादश ज्योतिर्लिंग का पूजन किया जाता है.
देखते बनती है नंदी महाराज और शिव जी का परिवार
शिव प्रतिमा के ठीक सामने भगवान शिव के वाहन ‘नंदी महाराज’ की मूर्ति भी स्थापित है. इसके अलावा गणेशजी, पार्वतीजी और कार्तिकेय समेत सम्पूर्ण शिव परिवार तथा भोलेनाथ की भक्ति में लीन सप्तऋषियों की प्रतिमाएं परिसर को और भी भक्तिमय बनाती हैं.
परिसर की सुविधाएं और वातावरण
कचनार सिटी मंदिर परिसर लगभग 3 एकड़ में फैला है. यहां हरियाली, शांतिपूर्ण वातावरण, प्रसाद वितरण केंद्र, भक्तों के बैठने की व्यवस्था और धार्मिक सामग्री विक्रय की दुकानों की व्यवस्था है. मंदिर परिसर साफ-सुथरा और व्यवस्थित होने के कारण यहाँ भक्तों को एक विशेष मानसिक शांति का अनुभव होता है. परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालु यहां सिर्फ पूजा ही नहीं करते, बल्कि फोटोग्राफी, ध्यान भी करते हैं.



