पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सेना से मिलने के लिए पसरूर छावनी पहुंच गए. उन्होंने इस दौरान पाक सेना के जवानों से बातचीत की.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Operation Sindoor: पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी अपनी सेना से मिलने पहुंचे. उन्होंने पसरूर आर्मी छावनी का दौरा किया और जवानों से मुलाकात की. शहबाज इस दौरान भाषण देने के लिए टैंक पर चढ़ गए और झूठी बहादुरी का राग अलापने लगे. शहबाज के साथ सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी थे. इसके पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेना के जवानों से मिलने आदमपुर एयरबेस पहुंचे थे.
शहबाज का जाना सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर गया
पीएम मोदी के आदमपुर एयरबेस पहुंचने के बाद शहबाज का जाना सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर गया. शहबाज ने प्रधानमंत्री मोदी की नकल की पूरी कोशिश की. शहबाज पसरूर आर्मी कैंट पहुंचे और टैंक पर चढ़ गए. उन्होंने यहां सेना को संबोधित करते हुए कहा, ”मुझे बतौर वजीर-ए-आजम पाकिस्तान आपके नेतृत्व पर गर्व है. जब भी हमारा दुश्मन आगे बढ़ने की बात करता सेना प्रमुख मुझसे कहते थे कि मैं इस तरह से जवाब दूंगा कि बहादुरी के किस्से रिटायर होने के बाद किताब में लिखूंगा.”
रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ भी पहुंचे आर्मी छावनी
शहबाज के साथ सेना प्रमुख आसिम मुनीर और एयर मार्शल जहीर अहमद बाबर भी नजर आए. रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ भी दूसरे सैन्य अधिकारियों के साथ मौजूद थे. शहबाज ने धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर भारत ने पाकिस्तान का पानी बंद किया तो वाकई खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा. पानी हमारा हक है.
भारत ने पररूर को किया था बर्बाद
सियालकोट में पसरूर छावनी लाहौर से लगभग 130 किलोमीटर दूर है. पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या का बदला लेने के लिए छह और सात मई की दरमियानी रात को भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया था. भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए.
पाकिस्तान के इन ठिकानों पर गिरी थीं भारतीय मिसाइलें
इसके बाद पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को कई भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया. भारतीय सशस्त्र बलों ने रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहीम यार खान, सक्कर और चुनियन सहित कई पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर भीषण जवाबी हमला किया. पसरूर और सियालकोट स्थित एयर बेस पर स्थित रडार केंद्रों को भी सटीक हथियारों का उपयोग करके निशाना बनाया गया जिससे भारी नुकसान हुआ.
दूसरे सैन्य प्रतिष्ठानों का भी दौरा करेंगे शहबाज
प्रधानमंत्री हाउस के अनुसार, शहबाज ने सैन्य संघर्ष के दौरान ऑपरेशन में भाग लेने वाले सैन्य अधिकारियों और कर्मियों से मुलाकात की. आधिकरिक बयान में कहा गया है कि आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री पाकिस्तानी वायुसेना और नौसेना के अधिकारियों और कर्मियों से मिलने के लिए वायुसेना और नौसेना के ठिकानों का भी दौरा करेंगे.
मोदी की कॉपी करना भी नहीं आया
अब शहबाज शरीफ को कौन समझाए. वह सपने में भी पीएम मोदी को कॉपी नहीं कर सकते. शहबाज शरीफ जब पाकिस्तानी सेना के जवानों से मिल रहे थे तो वह खौफजदा थे. उनका चेहरा साफ डर बयां कर रहा था. डर छिपाने के लिए काला चश्मा था, मगर उससे भी उनकी आखों में भारत का खौफ नहीं छिपा. वह अपनी सेना और आवाम का जोश हाई करने के लिए टैंक पर चढ़े. मगर ऐसा लग रहा था कि उन्हें अब भी डर है कि कहीं भारत की मिसाइल बमबारी कर दे.
डर-डर कर टैंक पर चढ़ फोटो
शहबाज शरीफ टैंक पर चढ़कर फोटो खिंचा रहे थे. वह अपनी ही सेना के सामने नौटंकी कर रहे थे. उससे भी अधिक नौटंकी वाली बात तो यह थी कि टैंक पर झाड़ थे. नजारा ऐसा जैसे युद्ध का मैदान हो. आजूबाजी में तोपें तैयार थीं. लग रहा था कि जैसे भारत कभी भी बमों की बौछार कर सकता है. टैंक पर भी शहबाज दुबके दिखाई दिए. उनके बगल में आसिम मुनीर भी खड़े थे. उनके चेहरे पर भी हार की मायूसी थी. शहबाज शरीफ के साथ आसिम मुनीर, इशाक डार, ख्वाजा आसिफ और अन्य भी थे.
शहबाज का जोश था ठंडा
पसरूर में शहबाज ने पाकिस्तानी सेना को संबोधित किया. भारत से पिटी पाकिस्तानी सेना के जोश को हाई करने की कोशिश की, मगर उनका जोश तो खुद ही ठंडा था. उनकी बातचीत और बॉडी लैंग्वेज में जरा भी जोश नहीं था. ऐसा लग रहा था कि भारत की मार से वह करार रहे हैं. टैंक पर फोटो खिंचाकर वह अपनी भद्द ही पिटवा रहे थे. पीएम मोदी ने तो डंके की चोट पर एस400 और राफेल दिखाया था. शहबाज केवल अपना टैंक दिखाकर ही नौटंकी करते नजर आए.

